पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने फ़ाइनैंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत 'युद्धोन्माद' से ग्रसित है.
उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में चुनाव है इसलिए एक और टकराव की आशंका है. ख़ान ने कहा कि वो भारत में चुनाव होने तक चिंतित हैं. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं महसूस कर हूं कि कुछ फिर से कुछ हो सकता है.''
भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और दोनों देशों में पिछले एक दशक में सबसे ज़्यादा तनाव की स्थिति बनी हुई है.
इस इंटरव्यू में पीएम ख़ान ने ये भी कहा कि वो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाएंगे और अपने मुल्क को चीन का क्लांइट नहीं बनने देंगे.
इमरान ख़ान ने ये भी कहा कि पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से पाकिस्तान का कोई संबंध नहीं है.
जैश-ए-मोहम्मद ने ही भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले में सीआरपीएफ़ के एक काफ़िले पर हमला 40 जवानों के मारने की ज़िम्मेदारी ली थी.
66 साल के इमरान ख़ान पिछले साल अगस्त में सत्ता में आए थे. ख़ान ने पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के होने की बात से इनकार किया है.
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद आतंकी संगठनों के ख़िलाफ़ कई सफल ऑपरेशन चलाए गए हैं. ख़ान कहा कि यह नया पाकिस्तान है जहां आतंकियों के लिए कोई जगह नहीं है.
14 फ़रवरी को भारतीय सुरक्षा बलों पर हुए आत्मघाती हमले के बाद दोनों देशों में भारी तनाव की स्थिति बनी लेकिन एक हद के बाद चीज़ें थमीं.
अब तक भारत की नीति कोई भी हमले के बाद अगले हमले से बचने की होती थी लेकिन इधर के हमलों के भारत ने सीमा पार कार्रवाई करने की रणनीति को अपनाया है.
हालांकि इस बार पाकिस्तान ने भी भारत की एयरस्ट्राइक का 24 घंटे के भीतर जवाब दिया. पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के एक पायलट को गिरफ़्तार भी कर लिया. हालांकि पाकिस्तान ने 36 घंटे के भीतर ही भारतीय पायलट को वापस कर दिया था.
इमरान ख़ान ने कहा, ''जब पुलवामा में आत्मघाती हमला हुआ तो मुझे लगा कि मोदी सरकार युद्धोन्माद को हवा देगी. भारतीय नागरिकों को समझना चाहिए कि यह सब चुनाव जीतने के लिए है. सच ये है कि इस उपमहाद्वीप में में असली मुद्दे कुछ और हैं.''
कश्मीर मुस्लिम बहुल इलाक़ा है और इस पर पाकिस्तान भी दावा करता है. ख़ान का कहना है कि जिस जैश-ए-मोहम्मद की बात की जा रही है वो भारत में है और जिस लड़के ने आत्मघाती हमला किया वो 19 साल का कश्मीरी था.
इमरान ख़ान का कहना है कि हमला करने वाला भारतीय था, कार भारतीय थी, जो विस्फोटक था वो भी भारत से ही आया तो फिर पाकिस्तान को क्यों घेरा जा रहा है.
भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री और बिहार के नवादा से सांसद गिरिराज सिंह को अब बेगूसराय सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहा है.
इस सीट से महागठबंधन से तनवीर हसन और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी की ओर से कन्हैया कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है.
लेकन अब गिरिराज सिंह अपने आप को बेगूसराय से उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज़ हैं.
बीबीसी संवाददाता पंकज प्रियदर्शी ने गिरिराज सिंह से दिल्ली में बातचीत की. इस दौरान उनके एक सवाल पर गिरिराज सिंह भड़क गए और साक्षात्कार बीच में ही छोड़ते हुए माइक हटा दिया.
लेकिन बाद में उन्होंने सभी सवालों पर खुलकर बात की. पढ़िए गिरिराज सिंह की बातचीत-
बेगूसराय मेरी जन्मभूमि है, मेरी कर्मभूमि है. तकलीफ़ इस बात की है कि पार्टी नेतृत्व को चाहिए था इस पर चर्चा और चिंता करना. लेकिन अंतिम समय तक मुझसे कहा गया कि दादा आप जहां से चाहेंगे वहां से लड़ेंगे और जो निर्णय लिया वो बिना मुझे विश्वास में लिए लिया गया. ये मेरे लिए पीड़ादायक है.
टिकट पार्टी की चुनाव समिति तय करती है जिसमें केंद्रीय नेतृत्व होता है. क्या इसका मतलब ये है प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई चुनाव समिति की बैठक में आपके टिकट को लेकर निर्णय लिया गया?
दुनिया ये बात जानती है. हम ये कह रहे हैं प्रदेश नेतृत्व हमें साफ़ तो करे.
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